तेहरान (IQNA)विभिन्न कथनों में, मासूम इमामों (अ.स.) ने सूरह "मुबारकह फ़ज्र" का श्रेय इमाम हुसैन (अ.स.) को दिया है; इस आधार पर कि आप का क़्याम और शहादत भोर की तरह अंधेरे के समय में जीवन और आंदोलन का स्रोत बन गई।
आप इस्लामी जगत के प्रसिद्ध वाचक अब्दुल बासित मुहम्मद अब्दुल समद की आवाज़ में सूरह फ़ज्र का पाठ सुनेंगे।
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